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Sunday, 1 February 2026

February 01, 2026

पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में मैदान में नहीं उतरेगी

पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में मैदान में नहीं उतरेगी

◆ पाकिस्तान सरकार ने भारत पाक मैच पर कहा 

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February 01, 2026

HCS भर्ती का विज्ञापन जारी : 2 फरवरी से शुरू होंगे आवेदन; 102 पदों पर भर्ती, DSC के लिए 13 पोस्ट रिजर्व

HCS भर्ती का विज्ञापन जारी : 2 फरवरी से शुरू होंगे आवेदन; 102 पदों पर भर्ती, DSC के लिए 13 पोस्ट रिजर्व

Haryana hcs recruitment 2021 applications open for 102 posts learn the complete process

हरियाणा में HCS एलाइड भर्ती का विज्ञापन हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) ने जारी कर दिया है। अफसर बनने के लिए युवा इन पदों के लिए 2 फरवरी से आवेदन कर सकेंगे। विज्ञापन में सबसे ज्यादा 13 पोस्टें डीएससी के लिए रिजर्व की गई हैं। HPSC द्वारा जनवरी 2026 में HCS (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) और अलाइड सर्विसेज के लिए 102 पदों का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया है।*

*26 अप्रैल 2026 को प्रारंभिक परीक्षा और 27-29 जून 2026 को मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित की जा चुकी है। योग्य उम्मीदवार HPSC की वेबसाइट hpsc.gov.in पर आवेदन कर सकेंगे।*

*ये है एग्जाम शेड्यूल*

*HCS भर्ती परीक्षा का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है। जारी कार्यक्रम के अनुसार HCS प्रीलिम्स परीक्षा 26 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। इसके बाद 27 से 29 जून तक मुख्य परीक्षा (मेंस) कराई जाएगी*

*हालांकि, आयोग की ओर से अभी HCS भर्ती को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, लेकिन परीक्षा का शेड्यूल पहले ही घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही आयोग ने इंटरव्यू के लिए भी अनुमानित समय तय किया है। HPSC के अनुसार अगस्त-सितंबर के दौरान उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए जाएंगे।*

*हरियाणा में बदल चुका है पैटर्न और सिलेबस*

*हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा (HCS 2026) की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। राज्य सरकार ने HCS परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। अब प्रीलिम्स का पेपर 400 अंकों का होगा, जिसमें दो पेपर शामिल होंगे।*

*इसके साथ ही मेंस परीक्षा में भी जरूरी बदलाव किए गए हैं, जो उम्मीदवार हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अब नए पैटर्न के अनुसार ही पढ़ाई करनी होगी।*

*हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का नया पैटर्न*

हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा अब 400 अंकों की होगी, जिसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र शामिल होंगे। मुख्य परीक्षा कुल 600 अंकों की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन के 4 पेपर होंगे और कुछ वर्णात्मक प्रश्नपत्र भी शामिल किए गए हैं।

प्रत्येक प्रश्नपत्र की अवधि 3 घंटे और 100 अंक तय किए गए हैं। उम्मीदवारों को अब नए पैटर्न के अनुसार ही तैयारी करनी होगी ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का पुराना पैटर्न

पुराने पैटर्न के अनुसार, हरियाणा सिविल सेवा (HCS) की प्रीलिम्स परीक्षा में दो पेपर होते थे- जनरल स्टडीज और सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT), कुल 200 अंक के। मेंस परीक्षा में 4 पेपर होते थे, जिसमें इंग्लिश और हिंदी 100-100 अंक, और जनरल स्टडीज एवं ऑप्शनल सब्जेक्ट 200-200 अंक के होते थे। कुल मिलाकर मेंस परीक्षा 600 अंकों की होती थी।

ऐसे होती है चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) शामिल हैं, जो उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे, केवल वही आगे मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे और मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू चरण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) की कार्यकारी शाखा और संबद्ध सेवाओं में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का इंतजार आखिर खत्म हुआ। हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने 102 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।

छह से 26 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। अप्रैल में प्रारंभिक और जून में मुख्य परीक्षा होगी, जबकि अगस्त-सितंबर में साक्षात्कार का शेड्यूल है। डीएसपी पद पर आवेदन के लिए पुरुष अभ्यर्थी का कद पांच फीट सात इंच (170.18 सेंटीमीटर) और सीना 33 इंच (83.82 सेंटीमीटर) होना चाहिए। फुलाव के साथ सीना साढ़े 34 इंच (83.82 सेंटीमीटर) होना चाहिए।

महिला अभ्यर्थी के मामले में कद पांच फीट दो इंच (157.50 सेंटीमीटर) होना चाहिए। भर्ती में आवेदन के लिए 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। आरक्षित वर्ग के लिए शुल्क 250 रुपये रखा गया है, जबकि अन्य वर्गों को एक हजार रुपये शुल्क चुकाना होगा। आरक्षित वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की छूट दी जाएगी।

परीक्षा के पाठ्यक्रम में पहले ही बदलाव किया जा चुका है। प्रारंभिक परीक्षा 400 अंकों की होगी, जिसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र शामिल होंगे.प्रहलाद। इसी तरह मुख्य परीक्षा कुल 600 अंकों की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन के चार पेपर होंगे और कुछ वर्णात्मक प्रश्नपत्र भी शामिल किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्नपत्र को हल करने के लिए तीन घंटे मिलेंगे। प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल को होगी तो 27 से 29 जून तक लगातार तीन दिन मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद अगस्त-सितंबर में साक्षात्कार लिए जाएंगे

*इन पदों पर होगी भर्ती*

पदनाम -कुल पद
हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस, कार्यकारी शाखा) -24
उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) -08
उत्पाद शुल्क एवं कराधान अधिकारी (ईटीओ) - 27
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) -02
सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां (एआरसीएस) -03
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी (डीएफएसओ) -01
सहायक उत्पाद शुल्क एवं कराधान अधिकारी(एईटीओ) -22
यातायात प्रबंधक (टीएम) -07
प्रथम श्रेणी तहसीलदार -03
प्रथम श्रेणी नायब तहसीलदार -05
कुल -102
February 01, 2026

Vacancies : भारतीय डाक विभाग में 28,740 पदों पर भर्ती के लिए कल से शुरू आवेदन

Vacancies : भारतीय डाक विभाग में 28,740 पदों पर भर्ती के लिए कल से शुरू आवेदन

भारतीय डाक विभाग में 28,740 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट indiapostgdsonline.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। 18 और 19 फरवरी, 2026 को करेक्शन विंडो ओपन की जाएगी।*

`वैकेंसी डिटेल्स :`

पद का नाम पदों की संख्या
आंध्र प्रदेश 1,060
असम 639
बिहार 1,347
छत्तीसगढ़ 1,155
दिल्ली 42
गुजरात 1,830
हरियाणा 270
हिमाचल प्रदेश 520
जम्मू और कश्मीर 267
झारखंड 908
कर्नाटक 1,023
केरल 1,691
मध्य प्रदेश 2,120
महाराष्ट्र 3,553
उत्तर पूर्वी 1,014
ओडिशा 1,191
पंजाब 262
राजस्थान 634
तमिलनाडु 2,009
तेलंगाना 609
उत्तर प्रदेश 3,169
उत्तराखंड 445
पश्चिम बंगाल 2,982

`कुल पदों की संख्या 28,740`

`एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :`

मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 10वीं कक्षा पास।
10वीं कक्षा में एक विषय मातृभाषा का जरूर होना चाहिए।
कंप्यूटर और साइकिल चलाने का नॉलेज।

`एज लिमिट :`

न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तय की गई है।
एससी, एसटी : 5 साल की छूट
ओबीसी : 3 साल की छूट
दिव्यांग : 10 साल की छूट

`फीस :`

सामान्य ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 100 रुपए
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पीडब्ल्यूडी, महिला : नि:शुल्क

`सिलेक्शन प्रोसेस :`

मेरिट बेसिस
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

`सैलरी :`

असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) : 10,000 - 24,470 रुपए प्रतिमाह
ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM) : 12,000 से 29,380 रुपए प्रतिमाह

`ऐसे करें आवेदन :`

ऑफिशियल वेबसाइट indiapostgdsonline.gov.in पर जाएं।
होम पेज पर दिए गए रजिस्ट्रेशन के लिंक पर क्लिक करें।
जरूरी डिटेल्स दर्ज करके रजिस्ट्रेशन करें।
मांगे गए डाक्यूमेंट्स को अपलोड करें।
एप्लीकेशन फीस जमा करके फॉर्म सबमिट करें।


February 01, 2026

💠 Budget 2026 : युवा

💠 Budget : युवा

*▶️युवाओं को Ai के क्षेत्र में विशेष बढ़ावा दिया जाएगा।*
*▶️एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी।*
*▶️करियर पाथवे उपलब्ध कराने के लिए स्कीम।*
*▶️नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी।*
*▶️गेमिंग, कॉमिक जैसे सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी।*
*▶️AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी।*
*▶️पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगे।*
*▶️1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।*
*▶️दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा।*
*▶️स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा।*
*▶️रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।*
*▶️देश के हर जिले में एक गर्ल्स होस्टल खोला जाएगा।*
*▶️15,000 मिडिल स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब् बनेगी।*
*▶️20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी।*
*▶️खेलो इंडिया मिशन की स्थापना होगी। नए प्रशिक्षण केंद्र बनाएंगे।*
*▶️हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे।*
*▶️ओडिशा, कर्नाटक, केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे।*

🧐🙏
February 01, 2026

हरियाणा के राजकीय विद्यालयों में फरवरी माह के अवकाश

हरियाणा के राजकीय विद्यालयों में फरवरी माह के अवकाश

*01 - रविवार (गुरु श्री रविदास जयन्ती)*

*08 - रविवार*

*12 - RESTRICTED HOLIDAY Only 👉 महर्षि दयानन्द सरस्वती जयंती / गुरु ब्रह्मानन्द जयन्ती (बृहस्पतिवार)*

*14 - द्वितीय शनिवार*

*15 - रविवार (महाशिवरात्रि)*

*22 - रविवार*

   16 फरवरी से स्कूलों का समय 8:00 से दोपहर 2:30 बजे तक रहेगा।

Saturday, 11 October 2025

October 11, 2025

Topper बनने का राज़: ये 5 Apps आपकी दुनिया बदल देंगे

 Topper बनने का राज़: ये 5 Apps आपकी दुनिया बदल देंगे

आप घंटों पढ़ाई करते हैं, पर रिजल्ट अच्छा नहीं आता? वहीं आपकी क्लास का टॉपर कम मेहनत में ज़्यादा स्कोर करता है। सीक्रेट दिमागी ताकत का नहीं, बल्कि स्मार्ट तरीकों और सही टूल्स का है। आज मैं आपको उन 5 दमदार ऐप्स के बारे में बताऊँगा जिन्हें टॉपर्स इस्तेमाल करते हैं और इनमें से ज़्यादातर ऐप्स बिलकुल फ्री हैं। ये जानकारी आपकी स्टूडेंट लाइफ़ को हमेशा के लिए बदल सकती है।

आपका सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? आपके हाथ में रखा यही फ़ोन। सोचते हो पांच मिनट का ब्रेक लें, और कब घंटे बर्बाद हो गए, पता ही नहीं चलता। फोकस टूटना ही फेलियर का सबसे बड़ा कारण है। लेकिन टॉपर इसी दुश्मन को दोस्त बनाना जानते हैं।

पहला ऐप - आपका फोकस वाला दोस्त

समस्या: सबसे बड़ी जंग फोकस बनाए रखने की है। दिमाग बार-बार इंस्टाग्राम और नोटिफिकेशन्स की तरफ भागता है।

समाधान: इसका सोल्यूशन है Forest ऐप। जब भी आप पढ़ने बैठें, तो इस ऐप में एक वर्चुअल पेड़ लगाएँ। अगर आपने टाइमर खत्म होने से पहले फ़ोन इस्तेमाल किया, तो आपका वो पेड़ मर जाएगा। ये ऐप आपको खेल-खेल में फोकस करना सिखाता है और आपके फ़ोन को दुश्मन से दोस्त बना देता है।

दूसरा ऐप - आपका दूसरा दिमाग़

समस्या: फिजिक्स की कॉपी कहीं, केमिस्ट्री के नोट्स कहीं और। एग्ज़ाम से पहले सब कुछ ढूंढने में ही टाइम बर्बाद हो जाता है।

समाधान: इसके लिए टॉपर्स यूज़ करते हैं Evernote - आपका डिजिटल दिमाग़। इसमें आप क्लास के नोट्स, व्हाइटबोर्ड की फोटो, PDF और ऑडियो, सब कुछ एक जगह सेव कर सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी ताकत है इसका सर्च फ़ीचर, जिससे आप कुछ भी एक सेकंड में ढूंढ सकते हैं।

तीसरा ऐप - आपका 24/7 डाउट किलर

समस्या: रात को पढ़ते हुए किसी सवाल पर अटक गए। अब क्या करें? टीचर और दोस्त दोनों सो रहे हैं।

समाधान: टॉपर कभी एक सवाल पर रुकता नहीं। वो यूज़ करता है Doubtnut। बस अपने सवाल की फोटो खींचो और ऐप पर अपलोड कर दो। कुछ ही सेकंड्स में, आपको उसका एक स्टेप-बाय-स्टेप वीडियो सलूशन मिल जाएगा। ये आपका 24/7 पर्सनल ट्यूटर है।

चौथा ऐप - आपकी मेमोरी का सुपर-बूस्टर

समस्या: आज चैप्टर पढ़ा, और एक हफ़्ते बाद 70% भूल गए। ये हर स्टूडेंट की कहानी है।

समाधान: इसका इलाज है Anki ऐप। ये एक स्मार्ट फ़्लैशकार्ड ऐप है जो 'स्पेस्ड रिपीटिशन' नाम की साइंटिफिक टेक्निक पर काम करता है। ये आपको मुश्किल सवाल जल्दी-जल्दी और आसान सवाल कुछ दिनों बाद दिखाता है, ठीक तब जब आप उन्हें भूलने वाले होते हैं। ये आपके रिविज़न को 10 गुना ज़्यादा असरदार बना देता है।

पाँचवाँ ऐप - आपकी फ्री नॉलेज की दुनिया

समस्या: कई बार स्कूल की किताबें काफ़ी नहीं होतीं और किसी कॉन्सेप्ट को गहराई से समझना पड़ता है।

समाधान: इसके लिए है Khan Academy। ये एक पूरी तरह फ्री दुनिया है, जहाँ आपको मैथ्स, साइंस, इकोनॉमिक्स जैसे हर सब्जेक्ट पर वर्ल्ड-क्लास वीडियो मिलते हैं। लेकिन इसकी असली पावर है प्रैक्टिस एक्सरसाइज़, जो आपकी नींव को इतना मज़बूत कर देती है कि कोई एग्ज़ाम मुश्किल नहीं लगता।

निष्कर्ष

तो ये हैं वो 5 ऐप्स - Forest फोकस के लिए, Evernote ऑर्गनाइज़ करने के लिए, Doubtnut डाउट्स के लिए, Anki याद रखने के लिए, और Khan Academy सीखने के लिए। टॉपर कोई पैदाइशी जीनियस नहीं होता। वो बस सही समय पर सही टूल्स का सही इस्तेमाल करना सीख जाता है।

अगर आपको ये जानकारी काम की लगी और स्टूडेंट्स के लिए ऐसी ही और स्ट्रेटेजी जानना चाहते हैं, तो इस चैनल को सब्सक्राइब करना मत भूलना।



अब आप कमेंट्स में बताइए कि आप इनमें से कौन-सा ऐप सबसे पहले ट्राई करने वाले हैं? पढ़ते रहिए, और स्मार्ट तरीके से पढ़ते रहिए।

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October 11, 2025

रोज़ खुद से ये 5 सवाल पूछें और देखें चमत्कार

रोज़ खुद से ये 5 सवाल पूछें और देखें चमत्कार

क्या आप जानते हैं कि सही सवाल पूछना आपकी ज़िंदगी बदल सकता है? कई बार हम खोया हुआ महसूस करते हैं, पता होता है कि हम ज़्यादा हासिल कर सकते हैं, पर ये नहीं जानते कि कैसे। इस वीडियो में, मैं आपके साथ वो पांच सवाल साझा करूँगा जो आपको हर रोज़ खुद से पूछने चाहिए। ये आदत आपको अपने लक्ष्यों की ओर तेज़ी से ले जाएगी और आपकी ज़िंदगी में एक बड़ा बदलाव लाएगी। 

हम अक्सर बाहर की दुनिया में इतने उलझ जाते हैं कि खुद को समझना भूल जाते हैं और फिर सोचते हैं कि 'हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है?' इसका जवाब है- खुद के अंदर न झाँकना। हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल की एक स्टडी बताती है कि दिन में सिर्फ 15 मिनट अपने काम पर विचार करने से आपका प्रदर्शन 23% तक बेहतर हो सकता है। तो चलिए, खुद से पूछना शुरू करते हैं। 

पहला सवाल - आज ऐसा क्या हुआ जिस पर मुझे गर्व है? हम अपनी गलतियों को गिनने में इतने व्यस्त रहते हैं कि अपनी छोटी-छोटी जीतों का जश्न मनाना भूल जाते हैं। ये सवाल आपको अपनी उपलब्धियों को पहचानने पर मजबूर करता है, चाहे वो कितनी भी छोटी क्यों न हो। यह सीधे आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और "मैं ये कर सकता हूँ" वाली सोच को मज़बूत करता है। 

दूसरा सवाल - आज मैंने क्या नया सीखा? जिस दिन हम सीखना बंद कर देते हैं, हम रुक जाते हैं। ये सवाल आपको ज़िंदगी का स्टूडेंट बनाए रखता है। सीखना सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि अपनी गलतियों से भी हो सकता है। यह आपमें एक "ग्रोथ माइंडसेट" पैदा करता है, जहाँ आप चुनौतियों को सीखने का एक मौका मानते हैं। 

तीसरा सवाल - आज कौन-सी एक चीज़ मैं और बेहतर कर सकता था? इसका मकसद पछताना नहीं, बल्कि ईमानदारी से सुधार की गुंजाइश देखना है। यह सवाल आपको अपनी गलतियों का सामना करने की हिम्मत देता है, बिना खुद को जज किए। अगर आप मानेंगे ही नहीं कि कोई गलती हुई है, तो आप उसे बार-बार दोहराते रहेंगे। इससे सीखें और कल बेहतर करें। 

अगर ये सवाल आपको काम के लग रहे हैं, तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें। कमेंट्स में बताइए, इन तीन सवालों में से कौनसा आपको सबसे अच्छा लगा? 



चौथा सवाल - मैं अपने बड़े लक्ष्य के कितने करीब पहुँचा? ये सवाल पक्का करता है कि आपके रोज़ के काम आपको आपके बड़े सपनों की तरफ ले जा रहे हैं। यह आपके आज के कामों और आपकी मंज़िल के बीच एक पुल की तरह है। ये आपको फोकस रहने और उन कामों को 'ना' कहने की ताकत देता है जो आपके लक्ष्य के रास्ते में आते हैं। 

पाँचवाँ सवाल - आज मैं किस चीज़ के लिए शुक्रगुज़ार हूँ? ये सवाल आपका ध्यान "मेरे पास क्या नहीं है" से हटाकर "मेरे पास क्या कुछ है" पर ले आता है। शुक्रगुज़ार होना, यानी ग्रेटिट्यूड, खुशी को बढ़ाता है और तनाव को कम करता है। यह आपको मुश्किल समय में भी याद दिलाता है कि अभी भी उम्मीद और अच्छाई बाकी है। 

Conclusion 

तो ये हैं वो पांच सवाल: 

आज किस बात पर मुझे गर्व है? 

आज मैंने क्या नया सीखा? 

आज क्या बेहतर कर सकता था? 

मैं अपने लक्ष्य के कितने करीब पहुँचा? 

मैं किस चीज़ के लिए आभारी हूँ? 

ये सिर्फ सवाल नहीं, आपकी ज़िंदगी बदलने वाले औज़ार हैं। बदलाव एक दिन में नहीं आता, पर इन सवालों को हर दिन पूछने की आदत डालिए। आप न सिर्फ अपने लक्ष्य हासिल करेंगे, बल्कि एक ज़्यादा खुशहाल ज़िंदगी जिएंगे। इस वीडियो को किसी ऐसे दोस्त के साथ शेयर करें जिसे इसकी ज़रूरत हो। और कमेंट्स में बताइए: आज रात आप खुद से कौनसा पहला सवाल पूछने वाले हैं?

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Saturday, 20 September 2025

September 20, 2025

मोंटेगू-चेम्सफोर्ड सुधार

 भारत सरकार अधिनियम 1919, जिसे मोंटेगू-चेम्सफोर्ड सुधार भी कहा जाता है, ब्रिटिश भारत में संवैधानिक सुधारों का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज था।


प्रमुख विशेषताएँ

1. मोंटेगू घोषणा: 1917 में एडविन मोंटेगू (ब्रिटिश सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इंडिया) ने भारत में उत्तरदायित्वपूर्ण सरकार के विकास की घोषणा की।

2. द्वैध शासन (Dyarchy): प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली शुरू की गई।

    - आरक्षित विषय: कानून, वित्त, पुलिस जैसे विषय गवर्नर के अधीन रहे।

    - हस्तांतरित विषय: शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे विषय भारतीय मंत्रियों को सौंपे गए।

3. विधायी परिषदों का विस्तार: केंद्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों में सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई।

4. निर्वाचित प्रतिनिधित्व: अधिक निर्वाचित सदस्यों की व्यवस्था।

5. सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व: मुसलमानों, सिखों आदि के लिए पृथक निर्वाचक मंडल।

6. प्रांतीय स्वायत्तता: प्रांतों को कुछ सीमित स्वायत्तता।

7. गवर्नर की शक्तियाँ: प्रांतीय गवर्नर को विशेष शक्तियाँ।

8. सचिवालय सुधार: प्रशासनिक संरचना में कुछ परिवर्तन।

9. लोक सेवा आयोग: भारत में लोक सेवा आयोग की स्थापना का प्रावधान।

10. बजट प्रक्रिया: बजट पर कुछ नियंत्रण भारतीय सदस्यों को दिया गया।


द्वैध शासन (Dyarchy)

- प्रांतीय स्तर पर: प्रांतों में द्वैध शासन लागू हुआ।

- विषयों का विभाजन: आरक्षित और हस्तांतरित विषय।

- गवर्नर की भूमिका: गवर्नर महत्वपूर्ण शक्ति रखता था।

- भारतीय मंत्रियों की भूमिका: हस्तांतरित विषयों पर भारतीय मंत्रियों का नियंत्रण।

- आलोचना: द्वैध शासन को जटिल और असफल माना गया।


महत्व और प्रभाव

- संवैधानिक विकास: भारत में संवैधानिक विकास की दिशा में कदम।

- भारतीय भागीदारी: भारतीयों की प्रशासन में भागीदारी बढ़ी।

- सीमित स्वायत्तता: सीमित स्वायत्तता का प्रावधान।

- असंतोष: कई भारतीय नेताओं में असंतोष।

- आगे के सुधारों का मार्ग: 1935 के अधिनियम की ओर कदम।

- राष्ट्रीय आंदोलन: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर प्रभाव।


प्रमुख व्यक्ति और संदर्भ

- एडविन मोंटेगू: ब्रिटिश सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इंडिया।

- लॉर्ड चेम्सफोर्ड: भारत के वायसराय।

- महात्मा गांधी: अधिनियम के प्रति असंतोष।

- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: अधिनियम के प्रति मिश्रित प्रतिक्रिया।

- मुस्लिम लीग: सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व पर जोर।


आलोचना और परिणाम

- अपर्याप्त सुधार: कई लोगों ने इसे अपर्याप्त माना।

- द्वैध शासन की जटिलता: द्वैध शासन को जटिल और असफल माना गया।

- असंतोष और आंदोलन: असहयोग आंदोलन (1920-22) जैसे आंदोलनों का संदर्भ।

- आगे के सुधार: 1935 के भारत सरकार अधिनियम की ओर प्रगति।

September 20, 2025

🔰 सामान्य विज्ञान वन लाइनर प्रश्न (हिन्दी) 🔰

 🔰 सामान्य विज्ञान वन लाइनर प्रश्न  (हिन्दी) 🔰


🛟 1. सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पहुँचने में कितना समय लेता है? – लगभग 8 मिनट 20 सेकंड 

🛟 2. मनुष्य के शरीर का सबसे बड़ा अंग कौन-सा है? – त्वचा 

🛟 3. डीएनए की संरचना की खोज किसने की थी? – वाटसन और क्रिक 

🛟 4. लाल रक्त कणिकाओं (RBC) में किस धातु का पाया जाता है? – लोहा (हीमोग्लोबिन में) 

🛟 5. मानव शरीर में इंसुलिन का स्रवण कौन-सा अंग करता है? – अग्न्याशय (Pancreas) 

🛟 6. मनुष्य में कितनी हड्डियाँ होती हैं? – 206 

🛟 7. दूध में कौन-सा शर्करा पाई जाती है? – लैक्टोज 

🛟 8. मनुष्य की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन-सी है? – यकृत (Liver) 

🛟 9. पीतल किस धातु मिश्रण से बनता है? – ताँबा और जस्ता 

🛟 10. प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) में कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है? – ऑक्सीजन 


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