पुस्तपालन (Book-Keeping) एवं लेखांकन (Accounting) क्या होता है? | Commerce Topics
पुस्तपालन (Book-Keeping) क्या होता है ?
पुस्तपालन क्या है चलिए आज इसके बारे में जानते हैं वित्तीय लेनदेन ओं को प्रारंभिक प्रवेश की पुस्तकों तथा खाता बही में लिखने की कला को पुस्तपालन कहते हैं मुख्य रूप से किसी भी लेनदेन को सर्वप्रथम रोज-रोज नाम से सहायक बहियों में ही लिखा जाता है यह लेखा करने की प्राथमिक प्रक्रिया होती है |
यह लेखे करने की प्राथमिक प्रक्रिया होती है तथा इसको करने वाले व्यक्ति को पुष्ट पालक कहा जाता है यानी कि बुक-कीपर का मुख्य कार्य रोजनामचे में लेनदेन को लिखना खाता बही में खताना व सभी खातों का अंत में शेष निकालना होता है यह संपूर्ण कार्य सरल प्रकृति का होता है तथा इस कार्य को संपन्न करने में ज्यादा तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती है पुस्तपालन का जन्मदाता लुकास पेसियोली को कहा जाता है |
लेखांकन (Accounting) क्या होता है ? :
अब थोड़ा सा लेखांकन के बारे में भी चर्चा करते हैं लेखांकन जो होता है वह एक विस्तृत शब्द होता है और इसमें पुस्तपालन भी आता है| तो हम कह सकते हैं कि जहां से पुस्तपालन की प्रक्रिया समाप्त होती है वहीं से लेखांकन की प्रक्रिया शुरू होती है|
चलिए जान लेते हैं इसमें क्या क्या शामिल करते हैं-
- सबसे पहले सभी लेनदेन को वर्गीकृत करने के बाद तलपट के रूप में सारांश तैयार करना तथा उससे लाभ हानि खाता और स्थिति विवरण को तैयार करना|
-दूसरा वित्तीय विवरण बनाने के बाद उसका विश्लेषण करना उसकी व्याख्या करना और जरूरी सूचनाएं एकत्रित करना|
-वहीं अगर हम तीसरे पॉइंट की बात करें तो कहेंगे कि रेखांकन से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं को विभिन्न प्रयोगकर्ताओं जैसे कि ऋणपत्रधारी, लेनदार, अंशधारी , बैंक आदि को भेजना|
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