What is Business Risk ? | व्यावसायिक जोखिम क्या होता है ? | Chapter 3 | 11th Business Studies
व्यवसायिक जोखिम से अभिप्राय अनिश्चितताओं के कारण व्यवसाय में अपर्याप्त लाभ अथवा हानि की संभावना से होता है | दूसरे शब्दों में अगर कहें तो जोखिम व्यवसाय की एक महत्वपूर्ण विशेषता है | व्यवसाय में इस विशेषता के पाए जाने का कारण व्यवसायिक क्रियाओं का भविष्य से सीधा संबंध होना है | हम सब इस बात को जानते हैं कि भविष्य में क्या होने वाला है इसको कोई नहीं जानता जैसे अनेक प्रतियोगिताओं का बाजार में नया प्रवेश लाभों में गिरावट पैदा कर सकता है, उपभोक्ता की रूचि में परिवर्तन आ सकता है, जो माल हमने तो किया होता है उसके भाव में भी परिवर्तन आ सकता है, मजदूर हड़ताल पर जा सकते हैं या दूसरे शब्दों में अगर हम जानने की कोशिश करें तो प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप बाढ़ इत्यादि आने से भी व्यवसाय को हानि हो जाती है | लेकिन फिर भी जोखिम को कभी भी हानि नहीं समझना चाहिए जोखिम तो हानि की संभावना मात्र होती है |
व्यावसायिक जोखिम की परिभाषा:- ( Definition of Business Risk )
1. व्यवसाई को जोखिम
उठाने के बदले लाभ मिलता है जितना अधिक जोखिम होता है उतना ही अधिक लाभ होने की
संभावना बनती है|
2. जोखिम की मात्रा
छोटे व्यवसाय में कम और बड़े व्यवसाय में ज्यादा होती है|
3. ऐसे व्यवसाय जो
दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे दूध, दाल, आटा इत्यादि में लेनदेन करते हैं जोखिम कम होता
है वहीं दूसरी ओर जिन व्यवसाय में फैशन इत्यादि से संबंधित वस्तुएं खरीदी और बेची जाती हैं वहां अपेक्षाकृत
जोखिम अधिक पाया जाता है क्योंकि फैशन लगातार बदलता रहता है|
4. बेशक जोखिम
प्रत्येक व्यवसाय का अभिन्न अंग होता है और इसे रोका नहीं जा सकता लेकिन कम जरूर
किया जा सकता है|
1. प्राकृतिक कारण :- ऐसे कारण जो मनुष्य की पहुंच से बाहर होते हैं
और मनुष्य केवल इनके बारे में कल्पना मात्र कर सकता है यानी कुछ निश्चित नहीं बता
सकता प्राकृतिक कारण होते हैं इन्हें रोकना असंभव होता है जैसे
भूकम्प
मौसमी परिवर्तन - आंधी, तूफान, बाढ़, आगजनी या फिर हिमपात आदि
भूगर्भ में होने वाले परिवर्तन- भूकंप इत्यादि से
बड़ी मात्रा में हानि होती है|
अन्य प्राकृतिक प्रकोप- बिजली गिरना, टिड्डी दल का हमला होना, वायुमंडल में
अचानक कुछ परिवर्तन होना इत्यादि|
बाढ़
2.
मानवीय कारण: - वास्तव में
व्यावसायिक जोखिम को पैदा करने में मानव का सबसे बड़ा हाथ होता है जैसे बेईमानी, उतावलापन, मंदबुद्धि या फिर असावधानी | अगर इन कारणों को रोका जा सके तो व्यवसाय ही
नहीं पूरे समाज के लिए लाभदायक हो सकता है | मानवीय कारणों में मुख्य रूप से कर्मचारियों की
बेईमानी जैसे कि सामान चोरी कर लेना, ग्राहकों की बेईमानी जैसे भुगतान से इनकार करना
या माल चोरी कर लेना,
हड़ताल इत्यादि
करना श्रमिकों के द्वारा, तालाबंदी करना
श्रमिकों के द्वारा, और असावधानी जैसे
मांग का गलत अनुमान लगाना या फिर गोदामों इत्यादि में जलती हुई सिगरेट इत्यादि
फेकना जिससे आग लग जाती है |
हड़ताल
3.
आर्थिक कारण:- आर्थिक कारणों का संबंध बाजार में होने वाले
परिवर्तन से होता है सामान्यता बाजार में कुछ परिवर्तन होते रहते हैं जैसे
उपभोक्ताओं की रूचि में परिवर्तन जिसके कारण फैशन में परिवर्तन आ जाता है और स्टॉक
में
रखे माल का कोई
प्रयोग नहीं रहता,
वस्तुओं के मूल्य
में परिवर्तन होने से भी हानि होने का खतरा बना रहता है, प्रतियोगी बाजार
में एक व्यापारी द्वारा किसी वस्तु का मूल्य कम कर देने से भी दूसरे व्यवसाय का
नुकसान हो सकता है इसके अलावा यदि कोई व्यापारी ग्राहकों को कुछ विशेष सुविधाएं
प्रदान करता है तो दूसरे व्यापारियों के लिए भी व्यवसायिक जोखिम का खतरा उत्पन्न
हो जाता है क्योंकि उन्हें भी फिर ग्राहकों को वही विशेष सुविधाएं देनी पड़ेगी
नहीं तो उनकी बिक्री घट जाएगी |
4.
कुछ अन्य कारण : - पुरानी मशीनों के
स्थान पर नई तकनीकों से प्यार मशीनों का बाजार में आ जाना, दूषित मशीन में
खरीद लेना जिससे हमेशा खतरा बना रहेगा किसी न किसी प्रकार से कर्मचारियों को चोट
लगने का,
अनुकूल प्रबंधक ना
होना या कुशलतापूर्वक प्रबंध ना कर पाना और मशीनों की गिरावट भी जोखिम का खतरा बना
सकती है |
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